बरसात के बाद ही इंद्रधनुष है

बरसात के बाद ही इंद्रधनुष है
तूफान के बाद ही शांत मनुष है
घोर अंधियारे के बाद ही प्रभात है
दुःख मे छुपी सुख की सौगात है
रूदन पश्चात खुशी से मुलाकात है
जिसे हम अंत समझते है
उसके बाद ही नयी शुरुआत है